Palanhar Yojana 2025: सरकार की तरफ से मिल रही 2500 रूपए की पालनहार राशि

On: Wednesday, August 6, 2025 7:24 AM
Palanhar Yojana

राजस्थान राज्य सरकार के द्वारा पालनहार योजना की शुरुआत की गई है। आपको हम बता दें कि यह योजना उन सभी बच्चों के लिए शुरू की गई है जो राजस्थान में रहते हैं और अनाथ हैं। इस तरह से इन सब अनाथ बालकों और बालिकाओं की उचित देखभाल के लिए राज्य सरकार से 1500 रुपए से लेकर 2500 रूपए तक की मासिक सहायता मिलती है।

यहां आपको हम बताते चलें कि राजस्थान राज्य में लाखों की तादाद में ऐसे बालक और बालिकाएं रहते हैं जो बिल्कुल अनाथ हैं। इन सब निराश्रित बच्चों के लिए जीवन व्यतीत करना अत्यधिक कठिनाई भरा होता है। तो हम आपको बता दें कि यह योजना ऐसी है जिसके द्वारा गरीब और अनाथ बच्चों को एक अच्छा जीवन जीने का मौका मिलता है। बता दें कि जिन बच्चों की उम्र 18 साल तक की होती है इन सबको इस योजना के तहत फायदा दिया जाता है।

अगर आप राजस्थान राज्य के निवासी हैं और आप पालनहार योजना के बारे में जानकारी ढूंढ रहे हैं तो इसके लिए हमारा आज का यह पोस्ट मदद कर सकता है। आज इस लेख में आपको बताएंगे कि पालनहार योजना क्या है। इसके अलावा इस योजना के तहत अगर आपको लाभ लेना है तो कैसे आवेदन दिया जा सकता है इसकी पूरी प्रक्रिया भी बताएंगे।

Palanhar Yojana

राजस्थान में ऐसे लाखों बच्चे हैं जो अनाथ हैं और ऐसे में इन बच्चों की देख-रेख के लिए राज्य सरकार के द्वारा पालनहार योजना आरंभ की गई है। योजना के माध्यम से राजस्थान सरकार गरीब अनाथ बच्चों को मदद करने के लिए इनके समीप के रिश्तेदारों को या फिर बालक के भाई बहन को पालनहार बनाती है।

इस तरह से इनको हर महीने अनाथ बच्चों की देखरेख के लिए वित्तीय मदद के रूप में 15 सौ रुपए से लेकर 2500 रूपए की राशि दी जाती है। यहां पर हम आपको बता दें कि जिन बच्चों की उम्र 6 वर्ष तक है इन सबको मासिक 1500 रूपए का लाभ मिलता है। जबकि 6 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों को 2500 रूपए की वित्तीय मदद की जाती है।

यहां अब आपको यह भी एक विशेष जानकारी दे दे कि जो दूसरी श्रेणी के 6 साल की आयु वाले निराश्रित बच्चे हैं इन सबको प्रत्येक महीने 750 रुपए मिलते हैं। जबकि योजना के तहत 6 साल से लेकर 18 वर्ष तक के अन्य श्रेणी के बालक और बालिकाओं को 15 सौ की राशि मिलती है।

पालनहार योजना के लिए पात्रता मानदंड

पालनहार योजना के अंतर्गत जिन बालक और बालिकाओं को सहायता मिलती है इनके बारे में जानकारी निम्नलिखित दी गई है:-

  • बच्चों के परिवार की वार्षिक आमदनी 1 लाख 20 हजार रुपए से कम हो।
  • पालनहार योजना का फायदा लेने के लिए अनाथ बालक और बालिकाएं पात्रता रखते हैं।
  • ऐसे बालक और बालिकाएं जिनके माता और पिता को मृत्युदंड या फिर आजीवन कारावास हो गया है।
  • जिन बच्चों के माता-पिता को एचआईवी एड्स जैसी गंभीर बीमारी हैं वे भी लाभ ले सकते हैं।
  • यदि किसी बच्चे के माता-पिता को कुष्ठ रोग है तो इन्हें भी योजना के तहत पात्र माना गया है।
  • बच्चे की आयु अधिकतम 18 वर्ष तक हो और वह राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।
  • राजस्थान राज्य में अगर कोई बालक या बालिका तीन वर्ष से ज्यादा समय से रह रहा है तो वह भी योजना का पात्र है।

पालनहार योजना के तहत फायदा कैसे मिलता है

पालनहार योजना को राजस्थान राज्य सरकार ने विशेष तौर से ऐसे बालक और बालिकाओं के लिए शुरू किया है जो निराश्रित और अनाथ हैं। यहां आपको हम जानकारी के लिए बता दें जिन बच्चों के माता-पिता को मृत्युदंड की सजा हुई है या फिर आजीवन कारावास प्राप्त हुआ है तो इनके बच्चों को पालनहार योजना का फायदा मिलता है।

जानकारी के लिए बता दें कि ऐसे मामलों में तब लाभ मिलता है जब कोर्ट के आदेश की जो कॉपी होती है वह उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा अगर कोई विधवा मां दोबारा से विवाह कर लेती है तो इसके विवाह का प्रमाण पत्र लगाकर अनाथ बच्चों के लिए सहायता प्राप्त की जा सकती है।

पालनहार योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

अगर आप राजस्थान राज्य के निवासी हैं और पालनहार योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो तब आप ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन किसी भी एक जरिए से अपना आवेदन दे सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन जमा करने के लिए आपको राजस्थान राज्य की संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन देना होगा।

जबकि अगर आप ऑफलाइन तरीके से पालनहार योजना के लिए आवेदन जमा करना चाहते हैं तो आप पालनहार फॉर्म को वेबसाइट से डाउनलोड करके जिला अधिकारी के पास जमा कर सकते हैं। इसके अलावा आप अपना आवेदन ई-मित्र केंद्र के माध्यम से भी सरलता के साथ दे सकते हैं।

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